खुम्बी / मशरूम की खेती
( Mushroom Cultivation )




              ' मशरूम ' एक फफूंद है , जो अति स्वादिष्ट एवं पौष्टिक भोज्य होने के कारण इसे सब्जी के रूप में भी प्रयोग किया जाता है और मुख्य रूप से बड़े - बड़े होटलों में ऊँचे दामों पर बिकता है . इसको बगैर मिट्टी / बालू के गेहूँ के भूसे , धान के पुआल पर उगाया जा सकता है . इसके लिए उचित ताप 22 - 30°C के मध्य होना चाहिए . इसे शाकाहारी मीट भी कहा जाता है , क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट एवं चर्बी की मात्रा कम होती है मशरूम से कैचप , कड़ी ( करी ) व्यंजन तैयार किए जाते हैं मशरूम में दुर्गन्ध / बदबू - Corolla + Alkaloids दोनों से आती है  ।

         " Mushroom is called as land saving husbandry."
 - I . C . Mahapatra 

उत्तरी भारत में इन सबमें बटन मशरूम आसानी से उगाया जाता है  ।

   1 , बटन मशरूम ( Agaricus bisporus ) - 

           इसकी खेती के लिए कम्पोस्ट की तैयारी , कम्पोस्ट भरना और ताप से जीवाणुओं को निष्क्रिय करना , कवक जाल ( स्पान ) की क्यारियों में बुवाई . कम्पोस्ट को मिट्टी की तह से ढकना , चुनना ( तुडाई ) एवं क्यारियों की देखभाल प्रमुख हैं ।

    कम्पोस्ट के लिए आवश्यक सामग्री -

 ( 1 ) गेहूँ का भूसा - 300 किग्रा , 
( 2 ) गेहूँ की चोकर 25 किग्रा , 
( 3 ) अमोनियम सल्फेट - 9 किग्रा . 
( 4 ) सुपर फॉस्फेट - 1 किग्रा ,
 ( 5 ) यूरिया - 4 किग्रा . 
( 6 ) म्यरेट ऑफ पोटाश - 3 किग्रा
 ( 7 ) जिप्सम - 30 किगा 
( 8 ) लकडी का बुरादा , 
( 9 ) जिक सल्फट 10 ग्राम , 
( 10 ) गामा बी एच सी . - 1 किग्रा तथा 
( 11 ) मैलाथियान - 200 मिली . इस कम्पोस्ट को पानी डाल - डालकर 3 - 4 दिन तर कर लत है . इस प्रकार एक तन तैयार हई कम्पोस्ट ( शुष्क पदाथ क आधार पर ) से on / 1 मीx50 सेमी x 15 सेमी ) भरी जा सकती हैं . 25°C ताप पर कवक जाल ( स्पान ) लकड़ी की ट्रे में बोया जाता है । मतौर पर 20 दिन में मशरूम सब्जी में प्रयोग करने योग्य हो जाता है . इसका लागत मूल्य 7 रु प्रति किग्रा आता है और 25 - 30 रु . प्रति किग्रा की दर से बेचा जा सकता है . NRC सोलन द्वारा ग्रीष्म स्वेट बटन मशरूम ( एगेरिकस विटोरकुइस ) के दो नए उच्च उपज के प्रभेदों ( Strains ) - NCB - 6 व NCB - 12 को जारी किया गया , जिनसे 6 सप्ताह की फसल में 100 kg कम्पोस्ट से 15 kg ताजे खुम्ब का उत्पादन हुआ है ,

 2 . पैडी स्ट्रा मशरूम ( Volvariella volvaceae ) -

      इसे छाया दार जगह में छप्पर के नीचे अथवा लकड़ी के तख्तों से बनाए गए चबूतरे पर उगाया जा सकता है शेष विधि बटन की तरह ही है । 

3 ढींगरी मशरूम ( Pleuronus spp . ) - 

        इसे सितम्बर से माच तक उगाया जा सकता है इसे गड्ढों अथवा सतह ( Layer ) विधि से उगाया जाता है 15 - 20 दिन में ये मशरूम सब्जी योग्य हो जाता है . भारतीय स्टेट बैंक के कृषि बैंकिंग विभाग द्वारा मशरूम की खेती को बढ़ावा देने के लिए मध्यावधि ऋण लघु एवं सीमांत कृषक को 10 % तथा अन्य को 12 . 5 % वार्षिक ब्याज पर दिया जाता है ।

मशरूम ( खुम्बी ) की खेती - मुख्य बातें


  • मशरूम - ' A land saving husbandry - स्वादिष्ट एवं पौष्टिक सब्जी , शाकाहारी मीट।
  • अनुकूलताए - तापक्रम 22 - 30°C व आर्द्रता 80 - 90 % हो ।
  • प्रकार -

  1. बटन ( Agaricus ) , 
  2.  पैडी स्ट्रा ( Volvariella ) , 
  3.  ढींगरी ( Oyster / प्ल्यू रोटस )
  • सप्लाई कहाँ - पंचतारा होटलों में
  • मूल्य - 25रु प्रति किग्रा से अधिक ( 200 रु तक )



       मशरूम की खेती सम्बन्धी जानकारी नजदीकी राज्य कृषि वि . वि . ( SAU ' s ) , ( पंतनगर कृषि वि वि ) कृषि विज्ञान केन्द्र ( KVK ' s ) तथा मशरूम लब एण्ड अर्थ वर्म रीयरिंग ट्रेनिंग सेंटर गांधी आश्रम नरेला , दिल्ली से प्राप्त की जा सकती है . इसके अलावा राष्ट्रीय खुम्बी अनुसंधान और प्रशिक्षण केन्द्र चम्बाघाट , के सोलन ( हि . प्र . ) अग्रणी हैं .

 ' पौलीप्रोफाइलीन वैग्स ' - कन्टेनर के रूप में सर्वोत्तम हैं तथा , 53 मशरूम की प्रजातियाँ ( Strains ) मूल्यांकित की जा चुकी हैं .